[सूचना] चंपारण सत्याग्रह शताब्दी यात्रा (5 सितम्बर-24 सितम्बर 2017)

चम्पारण सत्याग्रह को 100 साल हो रहे है। इस शताब्दी वर्ष को केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्वयंसेवी संगठन, संस्थाये, विश्वविधालय, लेखक, साहित्यकार, बुद्धिजीवी, राजनैतिक-सामाजिक कार्यकर्ता, एवं जागरूक नागरिक मनाने में लगे हुए है। परन्तु क्या यह वर्ष 100 साल का मूल्यांकन का वर्ष नही होना चाहिए। 1917 में किसान अंग्रेजो (निल्हो) के तीन कठिया प्रथा एवं अन्य दूसरे कारणों से शोषण के शिकार थे। उस समय विदेशी हुकुमत थी। अब 70 साल से आज़ाद भारत में अपनी सरकार होते हुए किसान का कितना भला हुआ है ! किसान आत्म हत्या के लिए विवश है. आम आदमी के बच्चो और युवाओ के शिक्षा की क्या स्थिति है ! सबको शिक्षा के संवैधानिक प्रावधान के बावजूद क्या आमलोगों को शिक्षा न देने का षडयंत्र नही चल रहा है। वही देश के समक्ष रोज नयी नयी चुनौतियां खड़ी हो रही है।

आजादी के आंदोलन में जो मूल्य-स्वतंत्रता, समता, लोकतन्त्र, धर्मनिरपेक्षता, संघवाद आदि स्थापित हुए थे और उसपर पूरे देश में सहमति बनी थी, उन पर खतरा मण्डरा रहा है। कब संविधान की मूलधाराओ को बदल दिया जाए, कहा नही जा सकता। क्या आज राष्ट्र सुरक्षित है ? बाहरी खतरा से ज्यादा आन्तरिक ख़तरा मुखर है। हमारे युवाओ को इसकी कितनी फ़िक्र है! ऐसी स्थिति में क्या यह जरूरी नही है कि युवाओ, बुद्धिजीवियों ,सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता, चिंतनशील नागरिकों से रूबरू होकर समस्या का समाधान खोजा जाये।

इसी विमर्श के लिए 5 सितम्बर से 24 सितम्बर तक उत्तर बिहार के सभी ज़िलों में लोगो से रूबरू होने के लिए यात्रा की जायेगी।

 

राष्ट्र सेवा दल, सेवक फाउंडेशन, समान धर्मा संगठन, स्वराज अभियान, सोसलिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया, समाजवादी जन परिषद, चम्पारण सत्याग्रह, ज़िला संघर्ष समिति, इत्यादि के साथी एवं अन्य वरिष्ठ साथियो के साथ यात्रा की विस्तृत योजना एवं उसकी तैयारी के लिए मुज़फ्फरपूर के विश्वविभूति पुस्तकालय में 2 जुलाई को पूरे दिन बैठक थी। बैठक में यात्रा का मार्ग, वाहन व्यवस्था, यात्रा की हर जीले में कार्यक्रम की तैयारी,यात्रा दल के साथ माईक, पोस्टर, बैनर ,पाठ सामग्री, और यात्रा में होने वाले खर्च पर विस्तार से चर्चा की गयी. यात्रा के संचालन के लिए सात सदस्यी कमिटी बनाई गयी है:

(1) शाहिद कमाल (संयोजक)
(2) तनवीर आलम
(3) नीरज कुमार
(4) गौतम कुमार प्रीतम
(5) देवनाथ देवन
(6) मोo क़ासिम अंसारी
(7) सतीश नंदन सिंह

इस से पूरी यात्रा में 5 विषयो पर युवाओ के बीच विशेष चर्चा होगी:

(1) चम्पारण सत्याग्रह का आज़ादी की लड़ाई में योगदान ।
(2) किसान और किसानी की समस्या ।
(3) बिहार में शिक्षा की स्थिति
(4) राष्ट्रीय एकता पर खतरा
(5) संविधान के बुनियादी सिद्धांत (Basic Features)

पूरी यात्रा जन भागीदारी से होगी. यात्रा पूरा होने के बाद संपर्क में आये युवाओं के प्रशिक्षण के लिए शिविर लगाया जाएगा।
नवम्बर में दक्षिण बिहार से इसी प्रकार की यात्रा की जायेगी।

जो साथी यात्रा में भाग लेना चाहते है तुरन्त सम्पर्क करे। आम जन से अपील है इस यात्रा के लिये आर्थिक सहयोग करें।

सम्पर्क :–
(1) शाहिद कमाल: 9835067418
(2) तनवीर आलम: 9004955775
(3) नीरज कुमार: 9631522221
(4) गौतम कुमार प्रीतम: 91620 64070
(5) देवनाथ देवन: 9931518901
(6) डॉ. मो. कासिम अंसारी: 73219 63262
(7) अधिवक्ता सतीशनंदन सिंह 08294152021

यात्रा मार्ग

प्रारम्भ :–
5-9-2017  मुज़फ्फरपुर
6-9-2017  समस्तीपुर
7-9-2017  बेगुसराय
8-9-2017  खगड़ीया
9-9-2017  बिहपुर ( भागलपुर)
10-9-2017  कटिहार
11-9-2017  पुर्णिया
12-9-2017  किसनगंज
13-9-2017  अररिया
14-9-2017  मधेपुरा
15-9-2017  सहरसा
16-9-2017  सुपौल
17-9-2017  मधुबनी
18-9-2017  दरभंगा
19-9-2017  सीतामढ़ी,
19-9-2017  शिवहर
20-9-2017  हाजीपुर
21-9-2017  सारण (छपरा)
22-9-2017  सिवान,
22-9-2017  गोपालगंज
23-9-2017  बेतिया (प. चंपारण)
24-9-2017  मोतिहारी (पू. चंपारण) समापन।

धन्यवाद ।


 

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